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Gupta Dental Clinic – Aesthetic Smile & Implant Centre

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ओडोंटोजेनिक साइनुसाइटिस: जब साइनस की समस्या दाँत से शुरू होती है

बहुत से मरीज चेहरे के एक तरफ दर्द, नाक से पानी आना या साइनस प्रेशर की शिकायत लेकर आते हैं। वे साइनस की दवाइयाँ लेते हैं… लेकिन समस्या बार-बार वापस आ जाती है।

ऐसा क्यों होता है?

क्योंकि कई बार संक्रमण साइनस से नहीं, बल्कि दाँत से शुरू होता है। इसे ओडोंटोजेनिक साइनुसाइटिस कहते हैं।

इसके मुख्य कारण • गहरा कीड़ा (Deep cavity) • दाँत की जड़ में पस (Periapical abscess) • फेल हुआ रूट कैनाल • मसूड़ों का इन्फेक्शन • दाँत निकालने या इम्प्लांट के बाद की जटिलताएँ

ऊपरी दाढ़ के दाँतों की जड़ें मैक्सिलरी साइनस के बहुत पास होती हैं, इसलिए दाँत का इन्फेक्शन आसानी से साइनस तक पहुँच सकता है।

ध्यान देने योग्य लक्षण • चेहरे के एक तरफ दर्द या दबाव • मुँह में बदबू या खराब स्वाद • एक ही नथुने से पानी आना • ऊपरी दाढ़ में दर्द • दवाइयों से साइनस ठीक न होना

इलाज का मुख्य सिद्धांत अगर कारण दाँत है, तो इलाज भी दाँत का ही होगा।

रूट कैनाल, री-ट्रीटमेंट या जरूरत पड़ने पर दाँत निकालने से साइनस की समस्या भी ठीक हो सकती है।

डॉक्टरी सलाह अगर साइनस की समस्या सिर्फ एक तरफ हो रही है, तो दाँत की जाँच जरूर कराएँ।

समय पर सही इलाज से लंबे समय की परेशानी से बचा जा सकता है।

— डॉ. प्रतिक्षित आनंद Gupta Dental Clinic – Aesthetic Smile & Implant Centre गिरिडीह, झारखंड

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ओडोंटोजेनिक साइनुसाइटिस: जब साइनस की समस्या दाँत से शुरू होती है

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